चुनावी चर्चा। 💐💐💐💐 मैंने सोंचा चलो आज कर लेता हूँ बैठे बिठाये कुछ चुनावी चर्चा/क्योंकि इसमें होना नहीं है जेब से कुछ खर्चा/कुछ इधर से कुछ उधर से मिल जायेंगे मशाले/समय कट जायेगा बैठे ठाले/तो आइये शुरु करते हैं/हम नाम किसी भी प्रत्याशी का नहीं धरते हैं/बस देश के चंद कर्णधारों के क्रियाकलापों को पढ़ते हैं/इसी बहाने चर्चा को लेकर आगे बढ़ते हैं/ एक तथाकथित भावी कर्णधार से जनता जनार्दन ने पूछा श्री मान अब तक की सामाजिक उपलब्धि बतायें हमें अपनी/ताकि फोड़ सकें हम भी आपके नाम की ढकनी/माननीय ने कहा जनाब पहले आप करना सीखें हमारा सम्मान /भले मैंने आपका वर्षों किया है अपमान/किन्तु अब तो जाग चुका है हमारा सोता ज्ञान/मेरी उपलब्धि सुनकर आप रह जायेंगे अचंभित/मैं इसे कहते हुये हूँ आपके बीच दंभित/सबसे पहली उपलब्धि मेरी माँ रह चुकी है विधाईका पिता रहे हैं सांसद/इसीलिये हक मेरा बनता है तू जान/हो तैयार अब करने को मेरा सम्मान/दूसरी भी बताता हूँ यह तो था ट्रेलर पिक्चर अभी बाकी है/मेरे परिजनों के द्वारा किये गये क्रिया कलाप क्या नहीं जानते आप/ उन्होंने धारण किया था खादी/मैं हूँ आज भगवा बुनियादी/जरूरत महसूश ...