Skip to main content

Posts

Showing posts from December, 2018

हनुमान।

गोस्वामी तुलसीदास जी ने अपने अमूल्य ग्रंथ रामचरितमानस में लिखा है*जाकी रही भावना जैसी * *प्रभु मूरत देखी तिन तैसी* आज उसे देख ली वैसी की वैसी जाति धर्म सम्प्रदाय वर्ण की टूट गई सारी सीमाएं प्रसन्न हूँ हमारे बजरंगबली हनुमान अब बन गये अचानक से सबके मेहमान।। 💐💐💐💐💐@पद्मनाभ💐💐💐💐💐

खून की कीमत।

जिसने अब तक अपने मन की ना मानी  वो भला आपके मन को क्या जानेगा।। जिसने अपनी माँ के खून की कीमत ना जानी वो भला मुल्क की कीमत क्या जानेगा।। गर जान लिया होता मिट्टी का मोल यूँ बरबाद गुलिस्तां क्या होता।। खुश होता रहा जो ताउम्र देखकर चमक सितारों के वो भला अमावश की रात को क्या मानेगा।। 💐💐💐💐💐@पद्मनाभ💐💐💐💐💐

आओ न।

आओ न मिलो न भीड़ की शक्ल में गाँव से गिराँव से शहर से अपने अपने ठाँव से मिलकर बैठेंगे गोलगप्पे छोले कचौरी पूरी पोलाव साथ में गरम गरम जलेबी की दावत भी उड़ायेंगे लोगों को भरमायेंगे अपनी महफिल सजायेंगे तुम में से ही कोई रूस कोई चाइना कोई फ्रांस बनकर सब मिल अंतर्राष्ट्रीय शकल बनायेंगे सोशल मीडिया का जमाना है रंग बिरंगा पोस्टर लहरायेंगे सबको बतायेंगे अब तो हम राष्ट्र से  बहुत ऊपर उठ चुके हैं अंतर्राष्ट्र तक पहूँच चुके हैं भले मेरा पड़ोसी भी मुझसे महरूम है।। 💐💐💐💐@पद्मनाभ💐💐💐💐

बाँटूँ कैसे?

पा तो लिया  संभालें कैसे? अनार तो एक ही है बीमार अनेकों आखिर बाँटें कैसे? एक को पूरा खिलाया तो दूसरा मर जायेगा टुकड़ो में दिया तो सब कमजोर हो जायेगा बड़ी असमंजस है आखिर बाँटूँ तो बाँटूँ कैसे? 💐💐💐💐@पद्मनाभ💐💐💐💐

केवल शमशान।

बीस कट्ठे का मकान शहर में कई कीते भवन आलीशान फिर भी चैन से सोने को मिला महज पाँच गज जमीन न शहर गाँव केवल शमशान।। सब समझते हैं जानते हैं फिर भी बेफिक्र परेशान अर्जित करने को जमीन मकान  अब तो आसमान भी।। 💐💐💐💐@पद्मनाभ💐💐💐💐

आह्लान।

युवाओं का आह्लान सिर्फ मंच से उसी मंच से सम्मान सिर्फ बुजुर्गों का पद प्रतिष्ठा अगली पंक्ति उम्र का लिहाज जो है युवा बच्चे किशोर आगे चलें भीड़ में पीछे से मैं हूँ आशीर्वाद का हाथ लिये आपके कंधे बड़े मजबूत हैं मेरे बंदूक धरने के काम आयेंगे फायर तो मैं ही करूँगा क्योंकि आपकी बुद्धि अभी चंचल है मन भी अस्थिर है डर लगता है कहीं मिस्फायर न हो जाय मेरी कुर्सी पर कहीं आपकी तशरीफ़ न आ जाये माना आप बड़े मिहनती हैं विचारों के विनिमयन में साक्षात् यति हैं लेकिन परम्परा का सम्मान भी तो होना चाहिये आप ही बतायें क्या पिता के जीवित रहते पुत्र को गद्दी मिलना चाहिये? 💐💐💐💐@पद्मनाभ💐💐💐💐