*महाशय जी,* हम सभी का मकसद साहित्य के क्षेत्र में शब्दाक्षर समूह और इसके सदस्यों की उन्नति-प्रगति में सहयोगी की भूमिका निभाना है। यह प्लेटफॉर्म भी इसी उद्देश्य की चर्चा के साथ आकार लिया था। मैंने अगर आज तक इस प्लेटफॉर्म पर कोई आपत्तिजनक सामग्री डाली हो, तो कृपया उसका सबूत पेश करें। अवश्य पेश करें। *आप उपाध्यक्ष हों या महाध्यक्ष, राज्याध्यक्ष, राष्ट्राध्यक्ष, विश्वाध्यक्ष अथवा ब्रह्माण्डाध्यक्ष,* आपको मुझे अनाप-शनाप कुछ भी कहने का कोई अधिकार नहीं, इतना तो आप अवश्य ही जान लें। आप यह न भूलें कि मैं सबको सम्मान देने की शिक्षा देते हुए हजारों लड़कियों-महिलाओं को एक छत के नीचे पढ़ाने-लिखाने वाले एक सम्मानित उच्च शिक्षण संस्थान की एक महिला प्रोफेसर हूं। और सभी लड़कियों-महिलाओं को उनके अधिकार तथा कर्तव्य के साथ ही अन्याय की स्थिति में *सभ्यता और वैधानिकता के दायरे में रहते हुए* प्रतिवाद और जरूरत पड़ जाने पर प्रतिकार के लिए प्रेरित करना भी मैं अपनी जिम्मेदारी मानती हूं। यह मुझे खुद भी ठीक से आता है और इसी वजह से अपनी बालिका और महिला छात्राओं को मैं आवश्यकता की स्थिति में प्रतिवाद/प्रतिकार लिए प्रेर...