चक्षुरोगनिवारणार्थःएक प्रयोग नेत्ररोग-निवारण हेतु एक अद्भुत यन्त्र है- सिद्ध बत्तीसा यन्त्र । ये एक सम यन्त्र है, जो वांछाकृतार्द्धा सूत्र से बना होने के कारण अपने आपमें रामबाण है । यन्त्र शास्त्र में उक्त सूत्र का विशद वर्णन है, जिसके आधार पर सभी सम यन्त्रों का निर्माण बड़ी सहजता से हो जाता है । आवश्यकता होती है- जीवन में सिर्फ एक बार इस सूत्र को साध लेने की और फिर निर्माण के समय किसी यन्त्र विशेष की साधना । साधक की व्यक्तिगत साधना पर ही यन्त्र का लाभालाभ निर्भर है । ऐसा नहीं , जैसा कि आजकल फैशन चल पड़ा है- तांबे-पीतल और यहां तक कि प्लास्टिक और कागज पर छपे-बने विविध यन्त्र बाजार में उपलब्ध हैं और उसे हम खरीद कर घर में रख देते हैं और उतने से ही आशा करने लगते हैं कि हमारी मनोवांछा पूरी हो जायेगी, कार्यसिद्ध हो जायेगा । सच पूछें तो वो सभी बिलकुल निष्प्राण यन्त्र हैं । उसे बनाने और बेचने वाले को भले ही कुछ आर्थिक लाभ हो जाये, घर में रखने वाले के लिए एक शो पीस से रत्ती भर भी ज्यादा नहीं । किसी भी यन्त्र को लेखन (निर्माण) के पश्चात् विहित विधि से साधने (चैतन्य करने...