Skip to main content

Posts

Showing posts from October, 2019

वित्तरहित।

💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 आओ मित्र वित्तरहित चलें सब मिलकर दीप जलायें उन नरकाधिपतियों के द्वार जिनकी असद्कृपा से आज अँधेरे हैं  हमारे घर द्वार एक दीप जलायें उनके दरबारियों के द्वार जिनके दम पर फूट रहे पटाखे जल रहीं फुलझड़ियाँ नरकाधिपतियों के द्वार एक दीप जलायें  उन तथाकथित हमारे  यूनियन लीडरों के द्वार जिनके दम पर फल फूल रहे नरकाधिपतियों के कारोबार दमघोंट कर हमारे बच्चों का गला आज मिठाईयां बाँट रहे मना रहे जश्न मुबारक हो उन्हें भी यह दीपों का जगमग त्यौहार हमारा क्या  हमारे बच्चों का क्या हम तो आदी हो चुके  सिसकने को  कलपने को आह भरने को होली हो,दशहरा हो या हो फिर दीपों का त्यौहार  कल भी थे आज भी हैं आगे भी रहेंगे ऐसे ही बेबस और लाचार चाहे किसी की हो बनी  सरकार।। 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 @*************पद्मनाभ।

भैयादूज।

💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 भैया दूज। ************ कल फिर से आ रहा है भाई बहन के स्नेह का  अमिट त्यौहार भैयादूज जरा इसे बूझ हाँथ में बाँधकर कंगन माथे पर लगाकर टीका देती है बहना आशीष लम्बी उम्र की बदले में फिर वही वचन  लेती है रक्षा का सिर्फ अपनी नहीं हर उस देवी का जो किसी की बहन है बहन के हाँथ की मिठाई खाते हुये हम मन ही मन हो जाते हैं संकल्पित और जेब से निकाल कर सौ दो सौ पाँच सौ का एक नोट रख देते हैं उस थाली में जहाँ अब तक मिठाई सज रही थी साथ ही रख देते हैं अपना वह संकल्प भी जो अभी अभी लिया था मन ही मन फिर? 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐भैयादूज की हार्दिक शुभकामना💐💐💐 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 @**************पद्मनाभ।

गोवर्द्धन।

गो वर्द्धन  गोवर धन नहीं पर्व है संवर्द्धन का संरक्षण का गोवंश के रक्षण का  ये त्यौहार है सिर्फ पूजा नहीं शंख  घंटी बजाने का प्रसाद और आरती पाने का ये दिवस है संकल्प के दुहराने का गोवंश के बढ़ाने का।। 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 @*************पद्मनाभ।

ये दीपक।

💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 ये दीपक! जल रहा है हमारे आपकी तरह उजालों को देखकर नहीं न ही हमें या आपको जलाने के लिये ये  जल रहा है अमावस की रात में जब चाँद छिपा होता है यही जलता है  जलकर स्वयम् करता है रौशन हर उस घर को जहाँ आज साम्राज्य है घुप्प अंधेरे का तो आईये जलें हम भी जिससे हर वह घर हो सके रौशन जहाँ अबतक साम्राज्य है घुप्प अंधेरे का।। 🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂 आप सबको इस दीपोत्सव की हार्दिक बधाई 🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂 @**************पद्मनाभ।

बढ़ता आदमी।

💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 बढ़ता आदमी। **************** मैंने आज देखा  शहर के चौराहे पर दो कुत्ते बात कर रहे थे इंसान खड़ा मौन। एक कुत्ते ने कहा दूसरे से यार बदल रहा है  जमाना देखो बढ़ रहा है आगे आदमी। हरियाली थी  जहाँ कल तलक आज दिख रही चिमनियाँ बड़ी ऊँची उस जगह फैला है  धुआँ हर तरफ कारखानों का लगता है देश तरक्की कर रहा है। कब सुनी साइकिल के घंटी की टन टन कुछ याद नहीं अब तो कान भर रहा है मोटर की  पों पों राजनेता अभिनेता की बात तो सिफर अब तो बच्चा बच्चा सफारी में कर रहा सफर। प्यास बुझाने को पानी  मिले न मिले सोमरस बुझा रहा है प्यासे की तलब जो फेंकी  कचरों में उस अखबार के पन्नों की फोटो भी आबादी पर लगाम कसके लगा रहा है। आज देखा सुबह बाग में पानी देते पौधों को ये माली भी काम रहा है फालतू का वहाँ सुना है बनेंगे होटल फाइव स्टार बढ़िया है बन रहा है माहौल हमारे डिनर का। ये बात तो बहुत छोटी थी मेरे दोस्त और सुनो लाया है तरक्की इंसानों ने संस्कारों में भी होती थीं पटरानियाँ पहले बस राजाओं के पर  अब तो हर आमोखास भी चार चार बीवियाँ रख रहा है कुछ  घर में कुछ बाहर में कुछ कुछ आस पड़ोस में। आह दैव! हम तो ...

तू कब ठहरेगा।

तू कब ठहरेगा। ************* राजगीर के जंगल से महात्मा बुद्ध जा रहलथिन हल।अंगुलीमाल डाकु कहकैन कि ठहर जा!बुद्ध रुक गेलथिन।कहलथिन कि "मैं तो ठहर गया तू कब ठहरेगा?।अंगुलीमाल भौंचक।सोंचे लगलै कि अरे आज तक ई जंगलवा में जेकरा लूटे लेल रोकलिअयी ऊ परान के भीख माँग हलै।ई कौन हे जे हमरे रुके लेल कह रहल हे?नगीच आके बुद्व के देखलकै आउ उनकर आभा से परभावित होके ठहर गेलै।सच्चो कह रहलियो हे,आज तक ओही जंगलवा में ठहरल है।अब कहब कि तोरा कैसे पता कि अँगुलीमाल ओही जंगलवा में ठहरल है,सुनलिये हे कि ऊ तो महतमा बुद्ध के चेला बन गेलै हल।त अभी तक ठहरल कैसे है।अब हम तोरा की कहियो।नै जान हू ,हमरा हिन्दु धरम में कहल गेलै हे कि अदमी के सोभाव ओकर पुरखन से मिल है।त अँगुलीमाल न बुद्ध के चेला बन गेलै,ओकर जे पहिले के आल औलाद हलै सेकर आउ ओकर बालबच्चा जे आगे होलै सेकर सोभौआ नै न बदललै।ओकरा में तो ओही रछसवा अँगुलीमाल के खून रह गेलै।तबे न ऊ दिनमा ऊ बेचारी कम उमर के कोचिंग में पढ़े वाली अपन एगो इयार के साथे जंगलवा में मंगल मनावे गेलै आउ उहाँ अँगुलीमाल के खंदान के सात लैकन मिल के ओकरा पकड़ लेलकै।ओकर इयार के ओकरे सामने लप्पड़...

तू कब ठहरेगा?

तू कब ठहरेगा। *************                       बाकी से आगे***** खबर पहुँच गेलो थाना में।दरोगाजी सातो के पकड़ के हाजत में बंद कैलन आउ सोंट साँट के जेल भेज देलन।सबकोई खुश।जिला जेबार में थानेदार साहेब के बड़ाई होवे लगल।इहाँ तक तो नीके सुखे बढ़िये होल ऊ अँगुलिमाल के औलादन लेल।बकि अब सुरु होलो तीन तेरह।कुछ कहित हथ कि सब बदमासी ओकरे हलै।काहे ला गेलै हल ऊ जंगलवा में ऊ छौंड़ा के साथे?बप्पा मैया भेजलकै हल कोचिंग पढ़े ला कि जंगल में मंगल करेला?कुछ एहु कहैत हथ कि बताब तो गजबे जमाना हो गेल।अब कैसे कोई कहीं जाये।केकरा पर विसवास करे।गौंयें के न सब सातो लैकमन हलै।चिनह न हलै ओकरा।भला ऐसन कैल जाहे।का जनि ऊ जिअ है कि का होब है ओकरा।कुछ लोग के एहू कहित सुनली कि सरकारो के गलती न है,जान हे कि जंगल पहाड़ के सुनदरता आदमी के खिचबे कर हे।अमदी मव बहलावे आखिर कहाँ जा हे।सहर में न पारक हे ,न कोई खुलल मैदान हे,न कोई बगैचा हे जहाँ तनि अराम से बैठ सके,कुछ बोल बतिया सके केकरो से।त ले दे के एही सब जगह न हे जहाँ तनि मनबहलाव होव हे अमदी के।सरकार न चही कि ई सब जगह पर धेयान देओ।सुरछा के बेबसथा करो।ऊ का जान हलै कि ऐसन होयत।अर...

ब्रह्महत्या।

ब्रह्महत्या। ............... कहते हैं धर्मशास्त्र हमारे ब्राह्मण गौ स्त्री बालक होते हैं अवध्य लगता है पाप इनकी हत्या का कहे जाते वे ब्रह्मघाती किन्तु राजनीति तो परम पावन गंगा से भी ऊपर बहुत ऊपर है धुल जाते हैं  सारे पाप  बस एक बार  डुबकी लगाने की जरूरत है।। 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐नमन् है हे ब्राह्मणदेव💐💐💐💐💐💐 आज तो गया कमलेश तिवारी है पता नहीं कल किसकी बारी है।। 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 @***********पद्मनाभ।

मरहम।

💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 एक तो दे गया जख़म  मर हम रहे थे दर्द से मरहम लगाने बोलकर नमक लगाता रह गया।। @*********पद्मनाभ। 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐पूजा पाठ। ********** क्रमशः......... आऊ सोंचै थि कि माय बाबुजी के भी गाँव से ले आबी।दुनो उहाँ अकेले रह हथ इहाँ रहतन त हमनियों के मन लगत ओहू सबके अच्छा लगतैन।अइसे भी बिआह के बाद से हमनी बराबर बहरे रहैत ही।ऊ सबके साथे रहे के मोका मिले न।अरे हमनी के नोकरियो तो ऐसने हे,जल्दी छुट्टी मिले न।परबो तेहबार डिउटी लग जा हे।अच्छा बताव तोहर एकरा में का राय हे?तोर बदली के कोशिश कैल जाय न।काहे कि सरकार किहाँ तो नियम हैये कि जहाँ मरदाना के नोकरी हे अगर मेहारु चाहे त ओकरो बदली हुआँ हो जा हे।अब का कहूँ बाबा ऊ लड़की तो एतना सुनते साफे कह देलक कि तोरा बदली जहाँ होलो हे तू हुआँ नोकरी कर हम ई एम्स छोड़ के कहीं न जायब।तू अप्पन देख हम अप्पन देख लेब।आउ हाँ कल से हम टेंपो चहे मेटरो से अस्पताल जायब।तू अपन गाड़ी से जैह।दूसर दिन से एही शुरु भी हो गेल बाबा।भोरे उठ के जब तक लैकवा नेहाय फिचे ओतना देर ऊ लड़की भी नस्ता बना के धर देबे आउ तैयार हो जाय अस्पताल जाय ला।दुनु एके टेबुल ...

पूजा पाठ।

पूजा पाठ। ********** क्रमशः......... आऊ सोंचै थि कि माय बाबुजी के भी गाँव से ले आबी।दुनो उहाँ अकेले रह हथ इहाँ रहतन त हमनियों के मन लगत ओहू सबके अच्छा लगतैन।अइसे भी बिआह के बाद से हमनी बराबर बहरे रहैत ही।ऊ सबके साथे रहे के मोका मिले न।अरे हमनी के नोकरियो तो ऐसने हे,जल्दी छुट्टी मिले न।परबो तेहबार डिउटी लग जा हे।अच्छा बताव तोहर एकरा में का राय हे?तोर बदली के कोशिश कैल जाय न।काहे कि सरकार किहाँ तो नियम हैये कि जहाँ मरदाना के नोकरी हे अगर मेहारु चाहे त ओकरो बदली हुआँ हो जा हे।अब का कहूँ बाबा ऊ लड़की तो एतना सुनते साफे कह देलक कि तोरा बदली जहाँ होलो हे तू हुआँ नोकरी कर हम ई एम्स छोड़ के कहीं न जायब।तू अप्पन देख हम अप्पन देख लेब।आउ हाँ कल से हम टेंपो चहे मेटरो से अस्पताल जायब।तू अपन गाड़ी से जैह।दूसर दिन से एही शुरु भी हो गेल बाबा।भोरे उठ के जब तक लैकवा नेहाय फिचे ओतना देर ऊ लड़की भी नस्ता बना के धर देबे आउ तैयार हो जाय अस्पताल जाय ला।दुनु एके टेबुल पर बैठ के नस्ता करे बकि दुनु में कोई बात न चीत।चले घढ़ी लैकवा कहे कि चल तोरा अस्पताल छोड़ के त हम अपन अस्पताल जाम।बकि के तो सुन हे।ऊ पैदले निकल के चल...

पूजा पाठ।

पूजा पाठ। ********** आज भोरहिं भोरहिं मोबाईल के घंटी बजल।सुतले हली।अंधुअयले मुँहें उठैली नंबरो न देखली केकर फोन हे।जैहहिं अपन आदत के हिसाब से हरि ओम् कैली ओने से आवाज आयल के ,बाबा,हम बोलैथियो गजोधर सुतले ह का!पहिले तो कुछ समझ में न आयल।फिर एकाबैक इयाद आयल अरे ई तो हमर बगलगीर गजेंदर जी के आवाज हे।इनका हमनी प्यार से गजोधर भाई कह ही।एने से फिर हमहूँ बोलली हाँ हाँ गजोधर भाई बोल का हाल चाल हे,कैसे कैसे इयाद कैल ई भिनसरे भिनसरे?का कोई विशेष बात हे का ,सब ठीक ठाक हौ न?ओने से गजोधर भाई ,अरे न न बाबा सब ठीक हे चिंता मत करूँ ।एगो काम हल एही से फोन कैली सबेरे सबेरे अपने के तकलीफ देली।देखली कि फिन दिन में अपनें से भेंट होयत कि तो न,हम तो जन न ही अपने के ,पूजा पाठ में निकल गेला पर कखनी आयब कोई ठेकान न रह हे।एही से सोंचली कि बाबा से एही घड़ी बतिया लेई।अच्छा बोल का बात हे।कौन काम ला फोन कैल हे गजोधर भाई।कुछ पूजा पाठ के बात हे कि आउ कुछ?न न बाबा आउ का रहत।पूजे पाठ ला कुछ बात करे के हल।अरे ऊ का हे न कि अपने तो जनबे कर ही हमर बड़का बेटा के जे दिल्ली रह हे।हाँ हाँ बोल न का होयल ओकरा सब ठीक है न?न न बाबा ऊ ...

कुआरी पूनम।

💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 कुआरी पूनम। 💐💐💐💐💐 आज रात है  कुआरी पूनम की बात कुछ खास है कुआरी पूनम की प्यारा सा चाँद झाँकता अप्रतिम सौंदर्य आसमान से कुआरी पूनो की रात मे चाहता करना अभिव्यक्त अपनी चाहत को बात में सिहर रही आज रात  अंग अंग पूनो की शरत्चंद्र की आभा को देख शीतल हुई बरसा रही अमृत परात में।। 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 शरद्पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामना।। 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 @*********पद्मनाभ।

रावण जल मरा।

💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 बड़ा सुकून मिला  यह सुनकर कि रावण जल गया जला दिया गया कुम्भकर्ण और मेघनाद को भी। कलेजे को ठंढक पहुंची यह सोंचकर कि अब  भारत जैसे धर्मप्रधान देश में नहीं होगा अपहरण किसी सीता का क्योंकि रावण तो अब रहा नहीं रहा नहीं कुंभकर्ण और मेघनाद भी। बेटियाँ बहनें बहुयें अब हो गईं  निर्भीक नहीं जलेंगी ससुराल में नहीं होगा शोषण परिवार में नहीँ होंगी शिकार अब कभी बलात्कार की क्योंकि रावण जल मरा।। 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 @***********पद्मनाभ।

कुमारीपूजन।

🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂 प्रथमम्शैलपुत्री से नवमम्सिद्धिदात्री तक कृत आराधना की पूर्ण फल प्राप्ति के हेतु नौ कुमारिकन्यकाओं की खोज नवरात्रि में हर वर्ष चार शक्ति साधनाकाल में होती सतत् परम्परागत साधनापद्धति के नियमानुसार धोकर चरण रज बनाते माथे का शृंगार पर हा धिक् इसी साध्य को कर देते दहेज की बलिबेदी पर अंगार के अधिकार होती है बलात्कार शोषण की शिकार  इसी धराधाम में साधिकार कामपिशाचों के हाँथ यही नवदुर्गा रूप देवियाँ कुमारियाँ।। 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 महागौरी की कृपा आप सब पर सदैव बनी रहे। ऊँ ऐं ह्रीँ क्लीं चामुण्डायै विच्ये।। 🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂 @**********पद्मनाभ।

गये जी में ही।

आज लगल कि गयेजी में ही। ********************** ई साल पितरपख में हमर कुछ रिश्तेदार भी गयासराध करे अयलन हल।उनका साथे सगरो जाय के मोका मिलल।अब रिश्तेदारे हलन त न कैसे जैती हल।मन से चहे बेमन से चल गेली साथे ।सगरो बेदी पर एही बहाने घूमें के मोका मिलल।बकि ई का रुक्मिणी, बैतरनी, बरहमसत,रामसागर ,उत्तरमानस ,सीताकुण्ड आउ तो आउ गोदावरी तलाव भी देखैत लगल कि हम कहीं गयाजी से बहरी तो न चल अएली।सगरो चकाचक लाल पत्थर लगल,तलाव के दुनो दने ललके पथरवा के फाटक बनल ,इसटील के पाईप से सगरो घेरल,चारो पट्टी भेपर लाइट लगल कौनो कौनो तलाव में कमल के फूलो खिलल।हम तो एकदमे अकचका गेली।हमर रिश्तेदार भी भौंचक।ए गो कहीं पर कचरा न।मछियो न भिनकैत हल।हम तो सोंच लेली लग हे रस्ता भटकली आज।ई गयाजी तो हो न सक हे।चलूँ जे भेल से भेल।घरे अइली मेहरारु के सब बतैली त ऊ कहलन कि एकदिन हमहुँ चलब तनि देखे।केने का होयल हे।कहली कि अच्छा रुक पितरपख खतम होय द त एकदिन ले चलबो अभी बड़ी भीड़ हो।कल दशहरा खतम होल।दुर्गा माई डूब गेलन।सोंचली आज बैठल हैये ही चलूँ मेहरारु के घुमा देइ तनी।सगरो तलाव उलाव देखा दिअइन।निकलली पैदले।लगली घुमावे इनका ई तलाव स...

तूफान।

💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 तूफान । ******** तूफान घर  मकान दुकान खेत खलिहान खानदान देखकर नहीं आता। बताकर  भी नहीं आता जाने के पहले भी बताकर  नहीं जाता बस आता है चला जाता है। पर  जाते जाते सबकुछ उड़ाकर ले जाता है वो जिसे  अबतक बड़े सुकून से सहेज कर रखा था हमने। फिर  माथे पर रखकर हाँथ ढूँढते हैं किसी का साथ सहलाने को पीठ गड़ाये दीठ किसी अपने साये का।। 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 @*********पद्मनाभ।

दो आँखेँ।

एक बार जो हो गई खतम फिर नहीं आ पायेगी होठों पे मुस्कान रोकें इसे वरना दुबारा  नहीँ खुल पायेगी हँसी की ये दुकान लग जायेंगे ताले उदासियों के सिल जायेंगे लब निहारती रह जायेंगी शेष दो आँखेँ शून्याकाश को।। @*********पद्मनाभ।

विभीषिका।

विभीषिका बाढ़ की ----------------------------- इंसान तो बाजुबान है बोलकर करता अपनी परेशानियों का बखान है जरा सोचो इनकी  जो बेजुबान हैं देखकर प्रकृति के भीषण स्वरूप को बेचारे हलकान हैं इशारों इशारों में मगन सोच में गुफ्गु करते परेशान हाल देखकर विभीषिका बाढ़ की न ठौर न ठिकाना ना ही दिखता कहीं अन्न का दाना नेता भी नहीँ इनकी जमात का जो कह सके कहाँ है सुशासन का जमाना? @********** पद्मनाभ।