बड़ी रेलमपेल है सब सियासत का खेल है एनारसी क्या है क्या है कैब हमें कहाँ मालूम है साहेब ऊ तो नेता जी जाने जो गये थे हमको गाँव से लाने हमको बताया था आज का खेल महँगा हो गया है लहसुन प्याज आउ तेल हम ठहरे निपट गँवार हमें क्या पता क्या कर रही है केन्द्रसरकार चार पूड़ी थोड़ी शब्जी एक लड्डू हमें पकड़ा दिया यहाँ शहर में लाकर सबके सामने फिसड्डू बना दिया हमें बताया गया निकाल दिया जायेगा मुसलमान इस देश से बाबू सच कहें अब तो घीन आती है देखकर ई खादी और टोपी वाले वेष से कल निर्भया का रेप हुआ जिन्दा जला दी गई हैदराबाद की बहना हैवानियत की आग जली पर सबके सब थे मौन आज राष्ट्रहित के एक बिल ने सबको बिलबिला कर रख दिया सिनेमा हो चाहे संसद सबको हिलाकर रख दिया कल गदहे बेचकर सो रहे थे खर खर आज मेढकी की तरह कर रहे हैं सब टर टर जिसको संविधान का हिज्जे भी नहीं आता वह चौक चौराहे पर सबको मतलब समझाता धरम ईमान कर्म सब कुर्बान हो गये राजनीति की परिभाषा को न जान आज नेता महान हो गये।। @**********पद्मनाभ। #Manoj