गर जीतना है महाभारत तो
अर्जुन बनना ही होगा
बनके दुर्योधन बिखर जायेगा
अंग अंग सर्वांग।
बबूल सजा होता है काँटों से
इसीलिये काटा जाता है बार बार
लगे होतें हैं सुन्दर सुगन्धित रसदार
पीले फल आम के इसीलिये
सींचे जाते हैं सौ बार।
निर्णय करने का अब तुझे है अधिकार आदमी
दो में से क्या चाहिये आखिर
मुहब्बत का कारोबार या
कि नफरत की लंबी दीवार
बुद्धि है विवेक है समझ की शक्ति से ओत प्रोत
नौका की थामना मजधार में
अपना पतवार।
लहरें उठेंगी गिरेंगी आयेगा दौर
तूफानो का भयंकर प्रलयंकर
पर खड़ा होगा तू हाँथों में थामे
पतवार अभयंकर जब
थम जायेगा दौर तूफान का
पार होगी नाव देखेगा
सबसे पहले सुनहले किरण को प्राची में
तू आदमी।।
💐💐💐@पद्मनाभ💐💐💐
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