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मरहम।

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एक तो दे गया जख़म 
मर हम रहे थे दर्द से
मरहम लगाने बोलकर
नमक लगाता रह गया।।
@*********पद्मनाभ।
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐पूजा पाठ।
**********
क्रमशः.........
आऊ सोंचै थि कि माय बाबुजी के भी गाँव से ले आबी।दुनो उहाँ अकेले रह हथ इहाँ रहतन त हमनियों के मन लगत ओहू सबके अच्छा लगतैन।अइसे भी बिआह के बाद से हमनी बराबर बहरे रहैत ही।ऊ सबके साथे रहे के मोका मिले न।अरे हमनी के नोकरियो तो ऐसने हे,जल्दी छुट्टी मिले न।परबो तेहबार डिउटी लग जा हे।अच्छा बताव तोहर एकरा में का राय हे?तोर बदली के कोशिश कैल जाय न।काहे कि सरकार किहाँ तो नियम हैये कि जहाँ मरदाना के नोकरी हे अगर मेहारु चाहे त ओकरो बदली हुआँ हो जा हे।अब का कहूँ बाबा ऊ लड़की तो एतना सुनते साफे कह देलक कि तोरा बदली जहाँ होलो हे तू हुआँ नोकरी कर हम ई एम्स छोड़ के कहीं न जायब।तू अप्पन देख हम अप्पन देख लेब।आउ हाँ कल से हम टेंपो चहे मेटरो से अस्पताल जायब।तू अपन गाड़ी से जैह।दूसर दिन से एही शुरु भी हो गेल बाबा।भोरे उठ के जब तक लैकवा नेहाय फिचे ओतना देर ऊ लड़की भी नस्ता बना के धर देबे आउ तैयार हो जाय अस्पताल जाय ला।दुनु एके टेबुल पर बैठ के नस्ता करे बकि दुनु में कोई बात न चीत।चले घढ़ी लैकवा कहे कि चल तोरा अस्पताल छोड़ के त हम अपन अस्पताल जाम।बकि के तो सुन हे।ऊ पैदले निकल के चल देवे टेंपो पकड़े ला।रात के दुनु अपन डियुटी खतम करके आवे।ओनहीं से कुछ खा पी के।घरे आवे त दुनो में कोई बोल चाल न।लैकवा कुछ पुछवो करे तो ऊ कोई जवाब न देबे।चुपचाप जाके अलगे दोसर कमरा में सुत जाये।लैकवा के माय बाबुजी के सब बात कैसहूँ मालुम भेल।बेचारे अयलन सबबात जानलन।बड़ी समझावे के कोशिश कैलन।बकि ऊ लड़की एकदम माने ला तैयार न हे।त एही में हमर लड़िकवा फोन कैलक हल कि तनि बाबा से कहके कुछ पूजा पाठ करवा देतहुन हल।लैकवा के बाबुजी जाइत हथु जे कहतथि बाबा ई सब खरच बरच करेला तैयार हथी।एही ला हम फोन कैली हल बाबा ,अब कुछ देर में ऊ भी आ जयतन दिल्ली वला गड़िया आवे के समय होइते हे।अयला पर हम उनका ले के अपने भिर आवैत ही।हम तो गजोधर भाई के बात सुन के सन्न रह गेली।सोंचे लगली ई में कौन पूजा पाठ होयेत।भूत,प्रेत,ग्रह गोचर ,बर बिमारी में तो अनुष्ठान से फयदा मिलबो कर हे।बकि ई शैतानी के का उपाय हे?कौन पूजा पाठ ई में हो सक हे?
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐@*********पद्मनाभ।

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