जिसने अब तक अपने मन की ना मानी
वो भला आपके मन को क्या जानेगा।।
जिसने अपनी माँ के खून की कीमत ना जानी
वो भला मुल्क की कीमत क्या जानेगा।।
गर जान लिया होता मिट्टी का मोल
यूँ बरबाद गुलिस्तां क्या होता।।
खुश होता रहा जो ताउम्र देखकर चमक सितारों के
वो भला अमावश की रात को क्या मानेगा।।
💐💐💐💐💐@पद्मनाभ💐💐💐💐💐
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