हाँथ में पत्थर।
कोई गुनाह नहीं है
पत्थर रखना
हाँथ में।
बशर्ते उपयोग का
तरीका मालूम हो।
आग तब भी जलाई जाती थी
पत्थर को घीसकर
आग आज भी लगाई जाती है
पत्थर को फेंककर।
संतरास के हाँथ आ जाये
पत्थर यदि
जान डाल देता है
बेजान पत्थरों की मूर्तियां गढ़कर।
आ जाये गर हाँथ किसी कारीगर के
पत्थर का टुकड़ा
महल बना देता है जोड़कर।
हाँथ में जो पत्थर हो शैतान के
बन जाता है वो इंसान
पत्थर दिल।
......मनोज कुमार मिश्र"पद्मनाभ"।
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