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इष्टकाल साधन।

ज्योतिष प्रशिक्षण पाठशाला का आज का पाठ्यक्रम:

[8/1, 7:37 am] Mag Udyam: इष्टकाल

ज्योतिष में समय को घड़ी के घंटा मिनट के हिसाब से नहीं पहचाना जाता है। सूर्योदय के हिसाब से पहचाना जाता है। यहाँ पर सूर्योदय से सूर्योदय तक का सफ़र किया जाता है। जैसे आज शनिवार है। तो अँग्रेजी हिसाब से शनिवार रात्रि १२ बजे समाप्त हो जायेगा। मगर ज्योतिष में जब तक अगला  सूर्योदय नहीं आएगा शनिवार ही कहलायेगा। मान लिया समय है रात्रि के ११:१२।  तो इसका इष्टकाल बनाना है। अब प्रश्न उठता है इष्टकाल है क्या ? 
 घटी-पल-घंटा-मिनट तो समझ ही गये हैं। है न।  

समय है रात्रि के ११:१२।  तो सबसे पहले इसमें १२ जोड़ दें। तब समय हुआ २३:१२। इसमें देशान्तर जोड़ दें। ये देशान्तर क्या होता है?
[8/1, 7:41 am] Mag Udyam: देशान्तर

  देशान्तर क्या होता है ? 

हम जहाँ रहते हैं वहाँ से जहाँ का पंचांग है वहाँ की दूरी। यह दुरी पूरब पश्चिम की दुरी होती है। मैं जमशेदपुर में रहता हूँ तो जमशेदपुर की दुरी भारतीय मानक समय से १४ मिनट ४८ सेकेण्ड की है। अर्थ यह कि यहाँ  १४ मिनट ४८ सेकेण्ड पहले सूर्योदय हुआ है। अतः इस  १४ मिनट ४८ सेकेण्ड को २३:१२ में जोड़ देंगे। तब होगा २३:२६:४८। 

यहाँ ध्यान यह रखना होगा कि जिस पंचांग को आधार मानकर आप चल रहे हैं वह पंचांग है कहाँ का ? हम भारतीय मानक समय को आधार मानकर चल रहे हैं। हमारे गुरूजी बनारसी पंचांग को आधार मानकर चलते थे। यह भारतीय मानक समय क्या बला है? भारतीय मानक समय का निर्धारण ८२°३०' पूर्वी रेखांश पर हुआ है। यह रेखांश देशान्तर के हिसाब से है। भारतीय मानक समय का निर्धारण जहाँ से हुआ है वहाँ ५ घंटा ३० मिनट पहले सूर्योदय होता है। तो मैं यहाँ जमशेदपुर में हूँ। जमशेदपुर ८६°१२' पूर्वी रेखांश पर अवस्थित है। अतः गणित बनेगा 
८२°३०' में ५:३० तो ८६°१२' में कितना ? ८६°१२' × ५:३० / ८२°३०' = ५१७२ * ३३० / ४९५० = ३४४.८ = ५ घंटा ४४ मिनट ४८ सेकंड। 
यह हुआ 0 रेखांश से जमशेदपुर तक की देशांतरीय दुरी। भारतीय मानक समय से जमशेदपुर की दुरी होगी ५:४४:४८ -५:३०:०० = १४:४८ अर्थात १४ मिनट ४८ सेकेंड।
[8/1, 7:44 am] Mag Udyam: आप सबसे भी अनुरोध है कि अपने यहाँ का रेखांश ज्ञात कर देशान्तरीय समय बताएं।
[8/1, 9:09 am] Mag Udyam: आपके यहाँ का देशान्तरीय रेखांश क्या है? बताइए।
[8/1, 9:11 am] Mag Udyam: इसके लिए आपको नक्शा ( Map) देखना पड़ेगा।
[8/1, 9:12 am] Mag Udyam: या गुगल से पुछिए। वह बता देगा।
[8/1, 2:16 pm] Mag Udyam: गुमला का देशान्तरीय रेखांश पूर्व ८४°३२' है। राँची का पूर्व ८५°२१' है। तो चलिए इसका देशान्तरीय समय निकालिए।
[8/1, 2:18 pm] Mag Udyam: आज कोई इस गणित में उत्साह नहीं दिखा रहे हैं। क्या भारी लग रहा है या आज छूटी मनाने का मन है।
[8/1, 2:23 pm] Mag Udyam: पूर्णियां का देशान्तरीय रेखांश पूर्व ८७°३१' है। 
राँची का ८५°२१';
पटना का ८५°०८';
धनबाद का ८६°२७' और 
गया का ८५°०१'।
[8/1, 2:26 pm] Mag Udyam: गणना में देशान्तर बोध बहुत जरूरी है। अत: इस देशान्तर को समझिए।
[8/1, 3:50 pm] Mag Udyam: सूत्रानुसार:
गुमला का देशान्तरीय रेखांश   ८४°३२ × ५।३० ÷ ८२°३०' = ५।३८।०८ - ५।३० = ८।०८.
[8/1, 3:51 pm] Mag Udyam: सूत्र

देशान्तरीय समयान्तर =
(देशान्तरीय रेखांश × ५:३० ÷   भारतीय मानक समय का देशान्तरीय रेखांश) - ५।३०
[8/1, 4:10 pm] Mag Udyam: पुर्णियां का देशान्तर ८७°३१' है। 
तो ८२°३०' में ५।३० 
इसलिए ८७°३१' में ५।३० × ८७°३१' ÷ ८२°३०' 
= ३३० ×  ५२५१ ÷ ४९५० 
= ५।५०।०४ - ५।३०।००
= २०।०४ पूर्णियां का देशान्तर।
[8/1, 4:16 pm] Mag Udyam: इसे और सरलीकृत करके समझिए ताकि यह देशान्तर गणना सबतक पहुँच बना सके।
[8/1, 4:28 pm] Mag Udyam: ८२°३०' से ऊपर का देशान्तर पूर्व का रहेगा जो + होगा। और ८२°३०' से नीचे का देशान्तर पश्चिम का होगा जो - होगा। 
यह ८२°३०' विंध्याचल के आसपास का है। विंध्याचल से अरुणाचल तक + देशान्तर होगा और विंध्याचल से पंजाब तक - का देशान्तर होगा। यह समझ लें।
[8/1, 4:28 pm] +91 94316 23492: Purnia =20/4
Ranchi=11/24
Patna=10/32
Dhanbad=15/48
Gaya=10/04
[8/1, 4:29 pm] Mag Udyam: सब ठीक है भाई। क्या अब देशान्तर से आगे बढ़ें?
[8/1, 4:35 pm] Mag Udyam: इष्टकाल बनाने समय के साथ में दो संस्कार होते हैं: १. देशान्तर संस्कार और
२. बेलान्तर संस्कार।
जिसमें हम यहाँ देशान्तर संस्कार समझ लिये। अब हमें समझना है बेलान्तर संस्कार।
[8/1, 4:35 pm] Mag Udyam: बेलान्तर संस्कार ‌क्या है? इसको जानना है। सामान्य तौर पर जानना है तो जो पञ्चाङ्ग में रेलवे अन्तर दिया हुआ है वह वेलान्तर है। मगर प्रश्न उठता है कि वेलान्तर आखिर है क्या? तो सूर्य का करवट बदलना बेलान्तर है। तब फिर प्रश्न उठता है कि ये सूर्य का करवट बदलना क्या है?
[8/1, 4:39 pm] Mag Udyam: सूर्य का करवट बदलना

तो करवट बदलने के क्रम में सूर्य कभी दक्षिण जाते हैं कभी वाम। यह होता यूँ है, सर्वविदित है पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमते हुए सूर्य की परिक्रमा में लगी हुई है। पृथ्वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा करने में  एक वर्ष का समय लगता है तथा अपने अक्ष पर घूमने में एक दिन-रात का। पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है इसलिए सूर्य पूर्व में उदय एवं पश्चिम में अस्त होते दीखते हैं। मगर पृथ्वी अपनी कक्षा के तल पर सीधी नहीं घूमती है, करीब २३ अंश २६ कला झुककर घूमती है। यह झुकना एक कोण बनाता है। इसी कोण को खगोल में  विषुवत वृत्त नाम दिया गया है और  झुकाव को विषुवत वृत्त बिंदु। 
सूर्य पृथ्वी की मध्य रेखा अर्थ यह कि भूमध्य रेखा को दक्षिण से उत्तर की ओर पार करते हैं तो यह पार करने को वसंत विषुव कहते हैं। क्योंकि आमतौर पर उत्तरी गोलार्द्ध में यह काल वसंत ऋतु के आगमन का काल होता है। सूर्य बसंत विषुव पर २१ मार्च या इसके आसपास होते हैं। तब दिन और रात बराबर होता है। इसके बाद दिन बढ़ने लगता है और रात घटने लगती है।
   इसी प्रकार सूर्य जब भूमध्य रेखा को उत्तर से दक्षिण की ओर पार करते हैं तो हम उत्तरी गोलार्द्ध वाले उस समय के विषुव को शरद विषुव कहते हैं। क्योंकि इस विषुव के साथ ही हमारे यहाँ शरद ऋतु का आगमन होता है। यह २३ सितम्बर के आस-पास होता है। इस विषुव पर भी दिन और रात बरावर होता है। इसके बाद दिन घटने एवं रात बढ़ने लगती है।
 इन दिनों में सूर्य ठीक पूर्व में उदय होते हैं और ठीक पश्चिम में अस्त होते हैं। 
वसंत विषुव से सूर्य उत्तर की ओर बढ़ना शुरू करते हैं और जब ९० अंश दूर चले जाते हैं तो वह उच्चतम क्रांति और अधिकतम उन्नतांश प्राप्त कर लेते हैं। यह बिंदु, जो वसंत एवं शरद विषुव के बीच में स्थित होता है उत्तर अयनांत बिंदु कहलाता है। सूर्य इस बिंदु पर लगभग २१ जून को पहुँचते हैं और इस दिन को ग्रीष्म अयनांत दिवस कहा जाता है क्योंकि हमारे उत्तरी गोलार्द्ध में उस समय ग्रीष्म ऋतु अपने चरम पर होती है। ऐसे हमारे यहाँ गरमी के बाद मानसून की बारिस भी शुरू हो जाती है। तब दिन बहुत बड़ा होता है और रात कब कट जाती है, पता ही नहीं चलता। 
         ग्रीष्म अयनांत दिवस के बाद सूर्य दक्षिण की ओर बढ़ना शुरू करते हैं।  और जब वे उत्तरी अयनांत से क्रांति वृत्त पर १८० अंश चल चुके होते हैं तो हम उत्तरी गोलार्द्ध वालों के यहाँ दक्षिणी  अयनांत दिवस होता है जिसको शीत अयनांत दिवस कहते हैं जो करीब २२ दिसंबर को होता है।  इस समय सूर्य न्यूनतम उन्नतांश पर होते हैं और दक्षिणी क्रांति उच्चतम होती है। तब ठिठुरन वाली ठंढी होती है। रात काटे नहीं कटती है और दिन इतना छोटा हो जाता है कि................ .दक्षिणी गोलार्द्ध के लिए यह क्रम उल्टा होता है।
         तो यही कहानी है सूर्य के करवट बदलने की। जिससे दिन-रात बड़ा-छोटा और बराबर होता है। ऋतु परिवर्तन होता है।  हमलोग भारतवासी उत्तरी गोलार्द्ध के हैं, अतः सूर्य जब दक्षिणपंथी होंगे तब हमें ठिठुरना पड़ेगा और वामपंथी होंगे तो उनकी तपिश से बचने के उपाय ढूंढने होंगे। 
इसी दक्षिण-वाम के कारण इष्टकाल बनाने के लिए वेलांतर संस्कार करना पड़ता है।
[8/1, 4:41 pm] +91 96081 50084: 🙏🙏 बताने का कृपा करेंगे पुराना पंचांग कहां मिलता है/
[8/1, 4:42 pm] Mag Udyam: इसको फटाफट पढ़िए और हरी झंडी दिजीए कि पढ़ लिये तब और आगे बढ़ते हैं।
[8/1, 4:43 pm] Mag Udyam: N C Lahiri का पञ्चाङ्ग मंगवा लिजीए। दस-दस वर्ष का मिलता है।
[8/1, 4:44 pm] +91 96081 50084: जी धन्यवाद
[8/1, 5:10 pm] Mag Udyam: अभी समय है संध्या ४:४८
तो इसमें पहले १२ जोड़ देंगे। फिर देशान्तर संस्कार करेंगे। 
   ०४।४८
+१२।०० ( क्योंकि इष्ट समय १२ बजे दोपहर के बाद का है। अत: १६।४८ हुआ।
अब यदि यह समय जमशेदपुर का है तो जमशेदपुर का देशान्तर १४ मीनट ४८ सेकण्ड है। अत:
    १६।४८
  +००।१४।४८
-----------------------
     १७।०२।४८ देशान्तरीय समय।
अब बेलान्तर देखना। बेलान्तर को हम ऊपर समझाए हैं कि क्या है? पञ्चाङ्ग में जो रेलवे अन्तर दिया हुआ है, वही बेलान्तर है। आज है ७ जनवरी २०२२। आज का रेलवे अन्तर है + ४ मीनट। पञ्चाङ्ग में जो रेलवे अन्तर + धन में रहेगा इष्ट समय के उसका - ऋण संस्कार करेंगे और जो ऋण में रहेगा उसका इष्ट समय के साथ + धन संस्कार करेंगे। 
तो आज की तारीख में रेलवे अन्तर है + ४ मीनट।
तो १७।०२।४८
   - ००।०४। ००
-------------------------
      १६।५८।४८ बेलान्तरीत समय।
[8/1, 5:19 pm] Mag Udyam: अब क्योंकि हमारे यहाँ दिन को सूर्योदयादिक माना जाता है। अत: सूर्योदय से इष्ट समय की दूरी इष्टकाल कहलाएगा। 
देशान्तर-बेलान्तर संस्कारित समय:
     १६।५८।४८
    -०६।४५।०० (सूर्योदय)
-----------------------
      १०।१३।४८ इष्ट समय
    ×       २॥
-----------------------
      २५।००
               ३२।३०
                  २।००
    -----------------------
       २५।३४।३० इष्टकाल जमशेदपुर का।
[8/1, 5:21 pm] Mag Udyam: आप लोग भी अपने-अपने जगह का इस तरह से इष्टकाल बनाकर यथाशीघ्र प्रस्तुत किजीए। कम से कम पाँच-पाँच भी।
[8/1, 5:22 pm] Mag Udyam: आज का ज्योतिष ज्ञान यज्ञ यहीं तक।
🙏🙏🌞🙏🙏

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