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बग्लामुखी प्रयोग।

बगलामुखी देवी के 4 विशेष दुर्लभतम मंत्र


मां बगलामुखी देवी के समस्त मंत्र दुर्लभतम हैं। इन मंत्रों के प्रयोग भी अन्य प्रयोग से जरा हटकर होते हैं। आइए डालें एक नजर प्रमुख मंत्रों पर.... 
 
मां बगलामुखी का विशेष मंत्र 
 
ॐ ह्लीं बगलामुखी देव्यै सर्व दुष्टानाम वाचं मुखं पदम् स्तम्भय जिह्वाम कीलय-कीलय बुद्धिम विनाशाय ह्लीं ॐ नम: 
 
इस मंत्र से सभी काम्य प्रयोग संपन्न किए जाते हैं।   
 
जैसे...
 
 मधु, शर्करा युक्त तिलों से होम करने पर मनुष्य वश में होते है।


 
मधु, घृत तथा शर्करा युक्त लवण से होम करने पर आकर्षण होता है।
 
तेल युक्त नीम के पत्तों से होम करने पर विद्वान बनते हैं।

 
हरिताल, नमक तथा हल्दी से होम करने पर शत्रुओं का स्तम्भन होता है। कैसे करते हैं मां बगलामुखी का तांत्रिक प्रयोग, पढ़ें संपूर्ण विधि
 
मां बगलामुखी का भयनाशक मंत्र
 
अगर आप किसी भी व्यक्ति वस्तु परिस्थिति से डरते हैं और अज्ञात डर सदा आप पर हावी रहता है तो देवी के भय नाशक मंत्र का जाप करना चाहिए…
 
ॐ ह्लीं ह्लीं ह्लीं बगले सर्व भयं हर: 
 
पीले रंग के वस्त्र और हल्दी की गांठें देवी को अर्पित करें।
 
पुष्प,अक्षत,धूप दीप से पूजन करें।
 
रुद्राक्ष की माला से 6 माला का मंत्र जप करें।
 
दक्षिण दिशा की और मुख रखें।
 मां बगलामुखी करती है छोटे बच्चों की रक्षा, पढ़ें यह विशेष मंत्र
 
मां बगलामुखी का शत्रु नाशक मंत्र
 
अगर शत्रुओं नें जीना दूभर कर रखा हो, कोर्ट कचहरी पुलिस के चक्करों से तंग हो गए हों, शत्रु चैन से जीने नहीं दे रहे, प्रतिस्पर्धी आपको परेशान कर रहे हैं तो देवी के शत्रु नाशक मंत्र का जाप करना चाहिए।
 
ॐ बगलामुखी देव्यै ह्लीं ह्रीं क्लीं शत्रु नाशं कुरु
 
नारियल काले वस्त्र में लपेट कर बगलामुखी देवी को अर्पित करें
 
मू‍र्ति या चित्र के सम्मुख गुगुल की धूनी जलाएं। 
 
रुद्राक्ष की माला से 5 माला का मंत्र जप करें। 
 
मंत्र जाप के समय पश्चिम में मुख रखें। 
 हर तरह की परीक्षा में सफलता दिलाता है मां बगलामुखी का यह मंत्र
मां बगलामुखी का जादू-टोना नाशक मंत्र
 
यदि आपको लगता है कि आप किसी बाधा से पीड़ित हैं, नजर जादू टोना या तंत्र मंत्र आपके जीवन में जहर घोल रहा है, आप उन्नति ही नहीं कर पा रहे अथवा भूत प्रेत की बाधा सता रही हो तो देवी के तंत्र बाधानाशक मंत्र का जाप करना चाहिए।
 
ॐ ह्लीं श्रीं ह्लीं पीताम्बरे तंत्र बाधां नाशय नाशय
 
आटे के तीन दिये बनाएं व देसी घी डाल कर जलाएं।
 
कपूर से देवी की आरती करें।
 
रुद्राक्ष की माला से 7 माला का मंत्र जप करें।
 
मंत्र जाप के समय दक्षिण की तरफ मुख रखें।

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