कृष्ण
अब क्राइस्ट हो गये
संत हो गये हैं संता
इसीलिये तो माथा पटकने पर भी
कोई काम नहीं बनता।
चरणामृत को भूल
बपतिस्मा पी रहे हैं
घी का दीपक छोड़
मोमबत्ती जला रहे हैं
गीता को छोड़
ओल्डटेस्टामिन का पाठ पढ़ा रहे हैं।
श्रीमन्नारायण नाम जप भूल
जिंगल बेल गा रहे हैं
पंचामृत त्याग
दारू से नहा रहे हैं
हरिनाम अष्टयाम अब होता कहाँ
नव वर्ष भूल गये
हम तो फर्स्ट जनवरी मना रहे हैं
भारतीयता दूर कर
इंडियन कहला रहे हैं।।
....मनोज कुमार मिश्र "पद्मनाभ"।
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