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शिक्षा पूर्ण हो गई।

साईकिल मिली
शिक्षा पूर्ण हो गई
पोशाक मिला
विद्या प्राप्त कर ली
छात्रवृत्ति मिल गई न
समझ लो ज्ञान मिल गया
विद्यालय का भवन बन गया
रख दी गई आधारशिला भविष्य की
प्रोत्साहन राशि ने फैलाया
घर घर प्रकाश 
चुनाव से ही तो होता है
राज्य और देश का विकास
चावल लिया न 
हो गई दर्ज उपस्थिति
अब जाओ घर करो खुद से तैयारी
गुरु जी कर रहे हैं चुनाव की मगजमारी
बनाना है वोटरलिस्ट
वर्ना नाराज हो जायेंगे ईष्ट
वैसे भी अभी कोरोना है
बंद हैं स्कूल
बदल गये हैं सब रूल
ऐसे में भला क्या रोना है
घबराओ नहीं 
सब कर जाओगे पास
अभी तो बस चुनाव जीतने की है आस
देख लो अब तक के विकास की फेहरिस्त
सड़कों का जाल बिछाया
ओवरब्रिज बनवाया
नली गली बने न बने 
अपने नाम की पट्टी लगवाया
जात देखकर नल जल का 
पाईप बिछाया
फर्जी बिल बिजली का
हर घर भिजवाया
लाकडाउन में फ्री अनाज की नदी बहाया
बाढ़ राहत के नाम पर पानी की तरह पैसा बहाया
आने दो फिर से एकबार
बनने दो पुनः मेरी सरकार
सबके घर समृद्धि आयेगी
सच कहता हूँ तुम बोलने के लायक नहीं रहोगे
सबकी शिकायत दूर हो जायेगी।।
......मनोज कुमार मिश्र"पद्मनाभ"।

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रावण का काम तमाम।

रावण का काम तमाम । ****************** माना कि मैं अत्याचारी था देव मनुज सब पर ही भारी था। सीता का कर अपहरण  नारी का अपमान किया। प्रकृति विरुद्ध सब काम किया इसीलिये तो तुमने मृत्युदान दिया। मैं तो मरकर परलोक गया अपनी सत्ता सब सौंप गया। फिर भी हर वर्ष बुलाते हो पुतले को आग लगाते हो दुनिया को ये समझाते हो। रावण को मैंने जला दिया लंका का दीपक बुझा दिया। एक प्रश्न मैं तुमसे करता हूँ उम्मीदें प्रत्युत्तर की रखता हूँ। रावण तो जीवित रहा नहीं कुंभकरण भी बचा नहीं। लंका भी जलकर राख हुई मेघनाद की भी साख गई । फिर भी सीता अब क्यों रोती है नित नारी अपह्रत क्यों होती है? पुतले को आग लगा करके अपने को राम कहाते हो। बलात्कारिता निज सीता को बचा नहीं तुम क्यों पाते हो ? रामत्व तुम्हारा रहा नहीं या रावण है बचा कहीं? सौगंध तेरा तुझको देता हूँ जिस क्षण बन जाओगे तुम राम  होगा छिपे हुये रावण का काम तमाम। ....मनोज कुमार मिश्र"पद्मनाभ"

टोटके।

*🥦तांत्रोत्क वनस्पति टोटके🥦* 🕉️🏹🚩🔔🐚📿🔱 छोटे-छोटे उपाय हर unघर में लोग जानते हैं, पर उनकी विधिवत् जानकारी के अभाव में वे उनके लाभ से वंचित रह जाते हैं।हमारे आसपास पाए जाने वाले विभिन्न पेड़-पौधों के पत्तों, फलों आदि का टोटकों के रूप में उपयोग भी हमारी सुख-समृद्धि की वृद्धि में सहायक हो सकता है। यहां कुछ ऐसे ही सहज और सरल उपायों का उल्लेख प्रस्तुत है, जिन्हें अपना कर पाठकगण लाभ उठा सकते हैं। ♦बिल्व पत्र : अश्विनी नक्षत्र वाले दिन एक रंग वाली गाय के दूध में बेल के पत्ते डालकर वह दूघ निःसंतान स्त्री को पिलाने से उसे संतान की प्राप्ति होती है। ♦अपामार्ग की जड़ : अश्विनी नक्षत्र में अपामार्ग की जड़ लाकर इसे तावीज में रखकर किसी सभा में जाएं, सभा के लोग वशीभूत होंगे। ♦नागर बेल का पत्ता : यदि घर में किसी वस्तु की चोरी हो गई हो, तो भरणी नक्षत्र में नागर बेल का पत्ता लाकर उस पर कत्था लगाकर व सुपारी डालकर चोरी वाले स्थान पर रखें, चोरी की गई वस्तु का पला चला जाएगा। ♦संखाहुली की जड़ : भरणी नक्षत्र में संखाहुली की जड़ लाकर तावीज में पहनें तो विपरीत लिंग वाले प्राणी आपसे प्रभावित होंगे। ♦आक की जड़ :...

कैसे उसे बुलाऊँ मैं

नयनो से हैं रूठी नीदें सपन कहाँ सजाऊँ मैं। दूर हो गइ रूह जिगर से वापस  कैसे  लाऊँ  मैं। सूख गये आँसू आँखों के कैसे  धार   बहाऊँ   मैं। सुनने वाला पास नहीं जब हालेदिल किसे सुनाऊँ मैं। बाती है पर स्नेह नहीं जब फिर कैसे दीप जलाऊँ मैं। रिसते हों जब जख्म ह्रदय में मरहम   कहाँ  लगाऊँ   मैं। हार गया हूँ तनहा रहकर कैसे   उसे   बुलाऊँ   मैं। फूलों की खुशबु जब आती दिल  को  कहाँ  सजाऊँ  मैं। ....मनोज कुमार मिश्र"पद्मनाभ"