साईकिल मिली
शिक्षा पूर्ण हो गई
पोशाक मिला
विद्या प्राप्त कर ली
छात्रवृत्ति मिल गई न
समझ लो ज्ञान मिल गया
विद्यालय का भवन बन गया
रख दी गई आधारशिला भविष्य की
प्रोत्साहन राशि ने फैलाया
घर घर प्रकाश
चुनाव से ही तो होता है
राज्य और देश का विकास
चावल लिया न
हो गई दर्ज उपस्थिति
अब जाओ घर करो खुद से तैयारी
गुरु जी कर रहे हैं चुनाव की मगजमारी
बनाना है वोटरलिस्ट
वर्ना नाराज हो जायेंगे ईष्ट
वैसे भी अभी कोरोना है
बंद हैं स्कूल
बदल गये हैं सब रूल
ऐसे में भला क्या रोना है
घबराओ नहीं
सब कर जाओगे पास
अभी तो बस चुनाव जीतने की है आस
देख लो अब तक के विकास की फेहरिस्त
सड़कों का जाल बिछाया
ओवरब्रिज बनवाया
नली गली बने न बने
अपने नाम की पट्टी लगवाया
जात देखकर नल जल का
पाईप बिछाया
फर्जी बिल बिजली का
हर घर भिजवाया
लाकडाउन में फ्री अनाज की नदी बहाया
बाढ़ राहत के नाम पर पानी की तरह पैसा बहाया
आने दो फिर से एकबार
बनने दो पुनः मेरी सरकार
सबके घर समृद्धि आयेगी
सच कहता हूँ तुम बोलने के लायक नहीं रहोगे
सबकी शिकायत दूर हो जायेगी।।
......मनोज कुमार मिश्र"पद्मनाभ"।
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