आखिर किस पर विश्वास करें
जिसको देखो रंगा सियार ही नजर आता है
हर बरसात में मेढक की आवाज सुनाई पड़ती है
कभी कभी उछलता कूदता
चेहरा भी दीख जाता है
बरसात के बाद पता नहीं कहाँ लोप हो जाता है
अगले मौसम के इंतज़ार में
रंगे सियार का हाल भी वही दीखता है
एक ही वारिस में धुल जाता है रंग सारा huh
फिर वही हुआँ हुआँ।।
@*****पद्मनाभ💐💐💐💐💐💐💐💐
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