अपना तो उसूल है
अपनो के लिये कुछ
करते रहना
आप मानो या न मानो
मेरे मन को जानो या न जानो
बिना सोंचे बिना समझे मुझको तो
आता बस आगे बढ़ते रहना
जरूरी नहीं जो मैं सोचूँ
आपकी सोंच भी माकूल हो
रास्ते अपने अपने सोंच अपनी
फिर साथ चलने के कैसे सपने
गर ठान लिया है चलने को साथ साथ
फिर तो देना होगा हाँथ में हाँथ
मान लिया है दिल से अगर अपना
बंद करो फिर देखना कोई अन्य सपना
तेरे सपने भी वही होंगे
जिसे देखे सिर्फ अपने होंगे
दिल का मिलना किसी से एक बार होता है
इस मिलन का आधार केवल एतवार होता है
न हो एतवार तो मिलन बेकार होता है
बिखरने का बहाना तो सौ सौ बार होता है
खुला आसमान खुला जहान यहाँ
आज हम यहाँ कल तुम कहाँ
बस एक बार सी लो होंठों को
दफन कर दो गिले सारे
बहारें आयेंगी चमन खिल उठेगा
महकेगी बगिया गुलाब की महक से।।
@*******पद्मनाभ💐💐💐💐💐💐💐💐
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