कहते दिल्ली दिलवालों का शहर है
इसीलिये यहाँ दिल न मिलने पर
बरस रहा दिन दहाड़े कहर है
खौफ के साये में जीने को हैं मजबूर
बेटियों पर कहर जारी हैं बदस्तूर
पिता और भाई के सामने हो रहा बलात्कार
कसी जा रहीं फब्तियां करने पर विरोध
जीवन जीने पर अवरोध
पुलिस और प्रशासन भी है मौन
आखिर इनकी सुध लेगा कौन
राजस्थान के अलवर की आग
अभी तक बूझ भी नहीं पाई थी
दिल्ली ने भी दिल को दहलाई
पता नहीं आगे किसके साथ क्या
होने वाला है यार
लगता है घोड़े बेचकर कुम्भकर्णी नींद में
खर्राटे भर रही है सरकार।।
💐💐💐💐💐💐💐@पद्मनाभ**********
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