कली खिलने को है
फूल बन महक फैलायेगी
फिजाँ को बरबस
शीतल कर जायेगी
इंतजा़र है बस पल भर का
सारे कयासों पर विराम लगायेगी
ममता माया का नहीं कोई काम
जब ह्रदय में बसते हों जय श्री राम
काल के भी काल महाकाल का
हाँथ हो जब मेरे कपाल
चमकेगी कैसे नहीं अखंड
भारत की भाल
कश्मीर से कन्याकुमारी तक
महासागर से केशर की महकती क्यारी तक
गूँजेगा बस एक ही नाम
जय श्री राम जय श्री राम जय जय राम।।
💐💐💐💐💐💐💐💐@पद्मनाभ💐💐
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