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पानी पिलाया💐२💐

"पानी पिलाया"
💐💐💐💐💐गतांक से आगे।
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जी हाँ पानी पिलाया ,संज्ञा समिति गयाधाम, गया ने ,थाने में।आम जनों के हितार्थ संकल्पित सामाजिक संस्था संज्ञा समिति गयाधाम, गया (शाकद्वीपीय ब्राह्मणों का संगठन) जहाँ एक ओर पितृपक्ष जैसे पितृमुक्ति के पर्व पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर का संचालन करती रही है वहीं भीषण गर्मी में आम जन को निःशुल्क जल पान कराकर पुण्य अर्जन का काम भी विगत कयी वर्षों से करती आ रही है।पृथ्वी पर महत्वपूर्ण रत्नों में शास्त्रकारों के द्वारा तीन विशेष रत्न की बात की गई है।"पृथिव्याम् त्रीणि रत्नानि ,जलमन्नं सुभाषितम्"।अर्थात् पृथ्वी पर महत्वपूर्ण तीन ही रत्न हैं ,जल ,अन्न और सुन्दर वचन।समिति के द्वारा इन रत्नों के धारण और खासोआम के साथ इसे साझा करने की कोशिश सदा से रही है और भगवान भास्कर की कृपा रहेगी तो आगे भी करती रहेगी।पूर्व अध्यक्ष के माध्यम से एक ओर जहाँ समाज के बच्चों की शिक्षा एवं समाज के शिक्षित युवा युवतियों को यथासंभव उनकी योग्यतानुसार अपने विभिन्न संस्थानों में रोजगार प्रदान करने का सफल प्रयास रहा है वहीं पूर्व सचिव एवं सक्रिय सदस्य चिकित्सकों के द्वारा अपनी वैध चिकित्सा केन्द्रों के माध्यम से न सिर्फ़ समाज के बेरोजगार युवकों  को परिवार के भरणपोषण के लायक रोजगार मुहैया कराने का सफल प्रयास किया गया है अपितु धनाभाव से जूझ रहे बीमार सामाजिकों को बिना जाँच शुल्क लिये सिर्फ दवा के लागत मूल्य से कम पर दवा देकर परोपकार का पुण्य कमाने का काम किया गया है।आज भी किया जा रहा है।वर्त्मान अध्यक्ष के सूझबूझ ने अपने राजनीतिक तजुर्बे का लाभ लेते हुये समाज के लोगो को न सिर्फ राजनीतिक बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी सहायता पहुँचाने का कार्य संपादित हो रहा है।इतना ही नहीं गरीब मजलूमों की आवश्यकता को देखते हुये अभी हाल में माननीय अध्यक्ष महोदय के संज्ञान में आते ही औरंगाबाद शाखा के सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित कर कैंसर जैसे जानलेवा बीमारी से ग्रस्त एक मगपरिवार को एकमुश्त राशि मुहैया कराई गई।सुमधुर वचन को हम एक ऐसा अस्त्र मानते हैं जिसके माध्यम से किसी को भी वशीकृत किया जा सकता है।इसके लिये भी समिति का सतत प्रयास रहता है।
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐@पद्मनाभ******
शेष अगले दिन💐💐💐💐💐💐💐💐💐

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