हे वषट्कार हे भूतकृत् हे भूतभृत्
है भूतभव्य तू भूतात्मन् औ पूतात्मन् ।
जय परमात्मन् जय परमागत अन्यपुरुष
क्षेत्रज्ञ साक्षि जय योगाक्षर नरसिंह वपुष।
पुरुषोत्तम केशव तुम श्रीमन्त हे भूतदमन्
धाता विधाता प्राणदा हे वेदविद् वेदाय नमन्।
विष्णु जनार्दन शंखचक्र गदापद्मधारी
ईश्वर स्वयम्भू पुष्कराक्ष विपदा हरो हमारी।
विश्वपालक नारायण विष्णु
हम सबका कल्याण करें।
शुभ गरुवार
सुप्रभातम्।
💐💐मनोज💐💐
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