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राष्ट्रपिता।

राष्ट्रपिता
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ईश्वर परमपिता है
इसलिए कि उसने
सृष्टि की रचना की
सजाया सँवारा विकसित किया
मैं पिता हूँ
क्योंकि मेरे रजोगुण से
मेरी सन्तति ने जन्म लिया
उन्हें पाला पोषा सँवारा मैंने
उनके सुख दुःख में साथ निभाया
डाँटा फटकारा स्नेह भी किया
कभी उनके बीच दरार की लकीर नहीं खींची
जरूरत पड़ी तो खिंचती लकीर को
मिटाने का भरसक प्रयत्न किया
इसलिए ,क्योंकि मैं
पिता हूँ
भारत का जन्म भगवती भारती के गर्भ से
पिता स्वयम् परमपिता
यें मैं नहीं शास्त्र कहते हैं
उद्घोषक ऋषि
साज सज्जा प्रकृति प्रदत्त
फिर कोई कैसे इस उन्नत राष्ट्र का
पिता हो सकता है
जिसने इस अखंड का खंड किया
जिसके कारण इसकी अस्मिता
हंड भंड हुई
जिसके कारण दो भाइयों ने
एक दूसरे का रक्तपान किया
जो इन्हें रोक न सका
तमाशबीन बन सब देखता रह गया
हाँ,एक बड़ा काम उसने किया
अपने नापाक विचारों को साकार कर
पाक राष्ट्र का निर्माण किया
पिता का दर्जा पाने का हक
इसे मिलना चाहिए
राष्ट्रपिता बनने का हक है
वहाँ जिस जहाँ को इसने जन्म दिया
यहाँ क्यों?
प्रश्नोद्वेलित
उत्तर शून्य।।
                                   💐💐मनोज💐💐

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